फलित ज्योतिष
दोस्तो आज मैं आपके सामने फलित ज्योतिष पर अपना कुछ विचार रख रहा हूं। फलित ज्योतिष ज्योतिष शास्त्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। फलित ज्योतिष द्वारा मानव जीवन पर पड़ने वाले ग्रहों के शुभ अशुभ प्रभावों का विचार किया जाता है। व्यक्ति का जिस समय जन्म होता है, उस समय में हमारे सौर मंडल में जो भी ग्रहों की स्थिति होती है उसी के अनुरूप व्यक्ति को उनका फल प्राप्त होता है। ज्योतिष विज्ञान का अध्ययन करने से पहले हमे इसके कुछ विशेष बिंदु का अध्ययन करना होगा 1. तिथियों का ज्ञान 2. तिथियों के स्वामी 3. नक्षत्र 4. नक्षत्र के स्वामी 5. नक्षत्र के चरण 6. वार 7. राशियां 8. राशियों के स्वामी और उनके स्वभाव 9. ग्रहों का स्वभाव, प्रभाव, राशि का भोग 10. ग्रहों की दृष्टि और संबंध 11. कुंडली के द्वादश भाव का परिचय एक भाव के स्वामी 12. ग्रहों की अवस्था व अंश 13. ग्रहों का बल नोट - आगे भाग की जानकारी अगले अंक में।